क्या धर्म का मतलब रिलिजन (religion) होता है ......देखते हैं .....
रिलिजन = री + लिगेयर से बना है जो लैटिन शब्द है जिसमे लिगेयर का मतलब बांधना होता है == पुनः+बंधन ( पुस्तक आधारित धर्मों में किसी विशेष पुस्तक या व्यक्ति के साथ जुड़ने के लिए ऐसे शब्द प्रयोग किये जाते थे ) bible and christ
धर्म = संस्कृत के धी धातु से बना है जिसका अर्थ धारण करना है (Dhi: The mind's ability to learn or acquire ) ...eg. भर्गो देवस्यधिमही
गीता में भगवन कृष्ण "धारणात धर्मः "....हमारा मन ,मष्तिस्क ,ह्रदय , आत्मा ,चिंतन और विचार जिस तथ्य को स्वतंत्रता से धारण करे वही धर्म है ....कर्त्तव्य बोध के साथ .....
राजा दिलीप का गौ की प्राणरक्षा के लिए प्राण के बलिदान का निर्णय धर्म था
महर्षि दधिची का अस्थिदान धर्मं था
भगवान राम का पिता का आदेश पालन धर्मं था
अर्जुन का युद्ध धर्मं था
शिवाजी का विजय अभियान धर्मं था
मंगल पाण्डेय का बलिदान धर्मं था
वीर सावरकर का और नेता जी का त्याग धर्मं था
और आज सामाजिक उत्थान और सम्यक धर्मं निर्देशन मेरा धर्मं है
क्या सबरी, अजामिल, निषाद राज और जटायु ने कोई एक किताब या कोई व्यक्ति को ही फालो किया था क्या ...........बाकि किताबी धर्मों की तरह ....
शबरी ने नवधा भक्ति का सृजन कर दिया ..........
हिन्दू धर्म एक प्री डीफाइन सोफ्टवेयर नहीं है जो बदलाव न स्वीकार कर सके बल्कि एक स्वतः स्फूर्त मेधावी ऑपरेटिंग सिस्टम विथ ऑटो अपडेटेड प्लगइन है जो समय समय पर अपडेट होता रहता है .......
निराकार ब्रह्म से शिव
शिव से शंकर
शंकर से राम
राम से कृष्ण
कृष्ण से ......भक्ति,भाव,ज्ञान......की ज्ञान गंगा
christianity!!! plz stop ur network marketing from "bharat" ....just bugger off 4m here
धन्यवाद
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